जंगल के एक कोने में एक छोटा सा चूहा रहता था जिसका नाम था मिनू। मिनू का घर बहुत छोटा था, और वह हमेशा सोचता था कि उसका घर बहुत तंग और कसा हुआ है। उसे लगता था कि उसके पास जितना छोटा घर है, उतना ही छोटा वह खुद भी है। वह सोचता, "क्या मुझे भी किसी बड़े घर की तरह अपना घर चाहिए?"
मिनू ने एक दिन जंगल के बड़े-बड़े घरों को देखा। वहाँ एक बहुत बड़ा बगुले का घर था, एक विशाल हाथी का घर और एक उल्लू का विशाल घोंसला था। मिनू यह देखकर बहुत उदास हो गया। उसे लगा कि उसका घर बहुत छोटा है, और वह कभी इन बड़े घरों जैसा नहीं बन पाएगा।
एक दिन मिनू ने जंगल के सबसे बुद्धिमान और सबसे पुराने जानवर से पूछा, जो था एक तितली का दादी। मिनू ने अपनी परेशानी बताई और कहा, "दादी, मेरा घर बहुत छोटा है, क्या मैं एक बड़ा घर बना सकता हूँ?"
दादी तितली हंसते हुए बोली, "बच्चे, घर का आकार मायने नहीं रखता। जो चीज़ सबसे महत्वपूर्ण होती है, वह है घर की आत्मा। क्या तुम जानते हो कि तुम जिस घर में रहते हो, वह बहुत खास है?" मिनू थोड़ी हैरान होकर बोला, "पर दादी, मैं तो हमेशा बड़े और सुंदर घरों के बारे में ही सोचता हूँ।"
दादी तितली ने उसे समझाया, "तुम्हारा घर छोटा हो सकता है, लेकिन वह तुम्हारे लिए सबसे सुरक्षित और आरामदायक है। याद रखो, कोई भी घर तब तक अच्छा नहीं होता, जब तक उसमें प्यार और संतुष्टि न हो। और तुम्हारे घर में तो तुम्हारी खुशियाँ और परिवार हैं!"
मिनू ने दादी की बातों को ध्यान से सुना और फिर महसूस किया कि वह सच में दादी के कहने से बहुत खुश था। उसने सोचा, "मेरे पास एक छोटा सा घर है, लेकिन वह मेरे लिए पर्याप्त है। मेरे घर में मेरा परिवार है, और यही सबसे महत्वपूर्ण है।"
इसके बाद मिनू ने अपना छोटा सा घर सजाना शुरू किया। वह अपने दोस्तों को घर बुलाकर उनके साथ समय बिताने लगा। उसे अब कोई फर्क नहीं पड़ा कि घर छोटा था या बड़ा। वह अपने परिवार और दोस्तों के साथ खुशी से रहने लगा। मिनू ने जाना कि कोई भी घर छोटा या बड़ा नहीं होता, बल्कि घर वही होता है, जहाँ हमें सच्ची खुशी और संतुष्टि मिलती है।
एक दिन, मिनू ने अपनी दादी से कहा, "दादी, आपने मुझे समझाया कि घर का आकार नहीं, बल्कि उसमें रहने वाले लोग और वहाँ की आत्मा मायने रखती है। अब मुझे अपने छोटे से घर में बहुत खुशी मिलती है।"
दादी तितली हंसते हुए बोली, "यह सच है मिनू, जब तुम अपने घर में खुश रहते हो, तो वही सबसे बड़ा घर बन जाता है।"
सीख: "घर का आकार मायने नहीं रखता, बल्कि वहाँ की खुशी और संतुष्टि ही सबसे महत्वपूर्ण होती है। जहाँ प्यार और सुकून होता है, वही सबसे अच्छा घर होता है।"
समाप्त