एक बार की बात है, एक तेज आंधी और एक छोटी सी तितली जंगल में घूम रहे थे। आंधी अपने आप में बहुत ताकतवर थी, जब भी वह आती, पूरी धरती हिल जाती थी। तितली को आंधी की ताकत का एहसास था, लेकिन वह अपने छोटे पंखों के साथ बहुत खुश थी। वह एक फूल से दूसरे फूल तक उड़ती और अपनी छोटी सी दुनिया में मस्त रहती।

एक दिन आंधी ने तितली को देखा और उसे तंग करने का मन बनाया। वह जोर से हवा में घूमें और बोली, "तुम कितनी कमजोर हो! तुम देख रही हो, मैं कितनी तेज़ और ताकतवर हूं। मेरी वजह से पूरी दुनिया हिल जाती है और तुम छोटी सी तितली केवल फूलों के पास उड़ सकती हो।"

तितली मुस्कुराते हुए बोली, "मैं जानती हूँ कि तुम कितनी ताकतवर हो, लेकिन मेरी ताकत कहीं और है। मैं जो कर सकती हूँ, वह तुम नहीं कर सकती।"

आंधी हंसी और बोली, "तुम क्या कर सकती हो, छोटी सी तितली? तुम सिर्फ उड़ सकती हो, मैं तो किसी को भी उड़ा सकती हूँ।"

तितली ने चुपचाप कहा, "मैं तुम्हें दिखाती हूँ।" और फिर उसने अपनी छोटी सी उड़ान भरी। वह आंधी के रास्ते में उड़ने लगी, लेकिन उसे उड़ने में कोई दिक्कत नहीं हुई। आंधी ने जोर से हवा उड़ाई, लेकिन तितली अपनी छोटी-सी दिशा बदलते हुए उससे बचने में सफल रही।

"देखा!" तितली ने आंधी से कहा, "मैंने तुम्हारी ताकत को चुनौती नहीं दी, लेकिन मैं अपनी ताकत से तुम्हारे रास्ते में उड़ने में सफल हुई।" आंधी को यह सुनकर थोड़ा चौंकाया और वह सोच में पड़ गई। उसे समझ में आया कि अपनी ताकत का इस्तेमाल सही तरीके से करना चाहिए और हमेशा घमंड नहीं करना चाहिए।

आंधी ने तितली से कहा, "तुम सही हो, छोटी सी तितली! तुम बहुत बुद्धिमान हो, और तुम्हारी ताकत का कोई मुकाबला नहीं कर सकता। अब मैं जानती हूँ कि किसी को छोटा नहीं समझना चाहिए।"

तितली मुस्कराते हुए बोली, "हर किसी की ताकत अलग होती है, आंधी! तुम बहुत तेज़ हो, लेकिन मैं अपनी समझदारी और धैर्य से तुमसे बच गई। हमें अपनी ताकत का सही इस्तेमाल करना चाहिए।"

आंधी ने तितली से वादा किया कि वह अब किसी को भी कम नहीं समझेगी और अपनी ताकत का इस्तेमाल सही तरीके से करेगी। तितली ने खुशी-खुशी अपनी उड़ान जारी रखी और आंधी ने भी धीरे-धीरे अपनी गति कम कर दी।

इस तरह, आंधी और तितली ने एक-दूसरे से बहुत कुछ सीखा। आंधी ने समझा कि ताकत का इस्तेमाल सही तरीके से करना चाहिए, जबकि तितली ने यह सिखाया कि छोटे भी बहुत ताकतवर हो सकते हैं, बस जरूरत है सही दिशा और समय की।

सीख: "हर किसी की ताकत अलग होती है, और हमें कभी भी किसी को छोटा नहीं समझना चाहिए।"

समाप्त