एक छोटे से गाँव में एक प्यारा सा भंवरा रहता था जिसका नाम था गोलू। गोलू का दिल बहुत प्यारा था, लेकिन उसे एक छोटी सी परेशानी थी – उसे गाने का बहुत शौक था। वह दिन-रात फूलों के पास जाकर अपना मीठा गीत गाया करता।
लेकिन गाँव के बाकी जानवर गोलू की आवाज को कभी गंभीरता से नहीं लेते थे। वे कहते थे, "क्या भंवरा गाकर कुछ कर सकता है? उसकी आवाज तो बहुत हल्की और छोटी है।" गोलू को यह सुनकर बहुत दुख होता, लेकिन वह कभी हार नहीं मानता। वह जानता था कि उसकी आवाज में कुछ खास है।
एक दिन, गाँव में एक बड़ा मेला हुआ। सभी जानवर मेला देखने गए, लेकिन गोलू का मन मेला में नहीं लगता था। वह तो सिर्फ अपना मीठा गीत गाने में व्यस्त था। तभी उसकी मुलाकात हुई एक सुंदर सी तितली से, जिसका नाम था माला। माला ने गोलू से पूछा, "तुम इतना गाने में क्यों खोए रहते हो?"
गोलू हंसते हुए बोला, "मुझे गाने का बहुत शौक है, लेकिन मुझे कभी कोई नहीं सुनता।" माला ने मुस्कुराते हुए कहा, "तुम्हारी आवाज बहुत सुंदर है, गोलू। अगर तुम चाहो तो मैं तुम्हारे गीत को सबको सुना सकती हूँ।" गोलू को यकीन नहीं हुआ, लेकिन माला की बातों ने उसे हिम्मत दी।
माला और गोलू ने मिलकर एक योजना बनाई। वे गाँव के सबसे बड़े और सुंदर फूलों के बगिचे में गए। माला ने वहाँ के सभी जानवरों को इकट्ठा किया और गोलू से गाने के लिए कहा। गोलू ने अपनी पूरी तन्मयता से गाना शुरू किया। उसका मीठा गीत सुनते ही सभी जानवर आश्चर्यचकित हो गए। गोलू की आवाज में ऐसा जादू था कि हर कोई उस गीत में खो गया।
गोलू ने गाया:
"फूलों की खुशबू, हवा का गीत, दिलों में बसी हो ये मीठी सी रीत। भंवरे का गीत, है सबका साथी, दिल से दिल तक, पहुंचे हर बाती।"
गोलू का गीत सुनकर सबकी आँखों में आंसू थे, लेकिन यह आंसू खुशी के थे। अब तक जिन जानवरों ने गोलू की आवाज को हल्के में लिया था, वे अब उसकी तारीफ कर रहे थे। "गोलू, तुम्हारा गीत सच में बहुत सुंदर है," माला ने कहा। गोलू ने मुस्कुराते हुए कहा, "धन्यवाद माला! अब मुझे समझ में आया कि संगीत में शक्ति है, और कभी भी अपनी आवाज को हल्के में नहीं लेना चाहिए।"
इसके बाद, गोलू ने अपनी आवाज से सभी को खुश किया। उसका मीठा गीत अब गाँव के हर कोने में गूंजने लगा। हर सुबह और शाम, गोलू फूलों के पास जाकर गाता और सबको आनंदित करता। वह जान गया था कि भले ही उसकी आवाज छोटी हो, लेकिन उसकी मेहनत और विश्वास ने उसे सबसे खास बना दिया।
गाँव के लोग भी अब गोलू को एक महान गायक मानने लगे। वे कहते थे, "गोलू का मीठा गीत हमारे दिलों को बहुत सुकून देता है।" गोलू ने यह भी सीखा कि हर किसी की आवाज में एक अलग ही जादू होता है, बस हमें उसे सही तरीके से व्यक्त करना आना चाहिए।
सीख: "अपने हुनर पर विश्वास रखो, क्योंकि जो चीज़ छोटी लगती है, वह कभी-कभी सबसे बड़ी हो सकती है।"
समाप्त