एक छोटे से गांव में, जहाँ हर सुबह ताजगी और हरियाली से महक उठती थी, वहां एक प्यारा सा खरगोश रहता था जिसका नाम था बूटी। बूटी बहुत ही खुशमिजाज और साहसी था। वह हमेशा अपनी दुनिया को समझने की कोशिश करता था। उसे लगता था कि सभी जानवरों के पास अपनी विशेषताएँ और दुनिया होती हैं, और वह अपनी दुनिया को जानने के लिए बेताब था।
बूटी के पास बहुत सारे दोस्त थे – उसकी सबसे अच्छी दोस्त प्यारी, जो एक छोटी सी चिड़ीया थी, और गोलू, जो एक बड़ी सी हथिनी थी। ये सभी उसकी मदद करते थे, लेकिन बूटी को हमेशा लगता था कि वह कुछ अलग और बड़ा करने के लिए बना है। वह सोचता था कि क्या उसकी दुनिया कुछ और हो सकती है? क्या उसकी दुनिया सिर्फ खुशियों और खेलों से भरी हुई है, या फिर उसमें कुछ और भी है?
एक दिन बूटी ने तय किया कि वह अपनी दुनिया को समझने के लिए एक लंबी यात्रा पर जाएगा। वह अपने दोस्तों से विदा लेकर जंगल में निकल पड़ा। रास्ते में उसने बहुत सारे जानवरों से मुलाकात की। सबसे पहले उसने एक छोटे से मेंढ़क से पूछा, "तुम्हारी दुनिया कैसी है?"
मेंढ़क हंसते हुए बोला, "मेरी दुनिया छोटी है, लेकिन मैं पानी में कूदने का मजा लेता हूँ। मेरा जीवन सादा है, लेकिन हर पल मुझे खुशी देता है।" बूटी को समझ में आया कि छोटी सी दुनिया में भी बहुत कुछ खास होता है।
इसके बाद बूटी ने एक ऊँट से पूछा, "तुम्हारी दुनिया कैसी है?" ऊँट ने धैर्य से उत्तर दिया, "मेरी दुनिया रेगिस्तान की है। मैं दूर-दूर तक यात्रा करता हूँ, और वहां की शांति और रहन-सहन मुझे बहुत पसंद है। मेरी दुनिया थोड़ी कठिन है, लेकिन मैं इसे प्यार करता हूँ।"
बूटी को एहसास हुआ कि हर किसी की दुनिया अलग होती है, और सबकी दुनिया में कुछ खास होता है। वह आगे बढ़ते हुए अंततः एक झील के किनारे पहुँचा, जहाँ उसने अपनी दोस्त प्यारी को देखा। प्यारी ने बूटी से कहा, "तुमने अपनी यात्रा से क्या सीखा?" बूटी मुस्कुराते हुए बोला, "मैंने यह सीखा कि हर किसी की दुनिया सुंदर है, और हमें अपनी दुनिया की खूबसूरती को समझने के लिए बाहर की दुनिया से सीखने की जरूरत नहीं है।"
बूटी ने महसूस किया कि उसकी अपनी दुनिया – उसका गांव, उसका घर, और उसके प्यारे दोस्त ही उसकी असली दुनिया थी। वह खुश था कि वह अपनी छोटी सी दुनिया में भी खुश रह सकता है। अब वह दूसरों की दुनिया को देखकर अपनी दुनिया की और भी सराहना करता था।
इस यात्रा ने बूटी को यह समझने में मदद की कि हर किसी के पास एक विशेष दुनिया होती है, और हमें अपनी दुनिया की अच्छाई को पहचानकर उसे खुशी से जीना चाहिए।
सीख: "अपनी दुनिया की खूबसूरती को समझना और उसे प्यार करना सबसे बड़ी बात है। हमेशा खुश रहो, चाहे तुम्हारी दुनिया छोटी हो या बड़ी।"
समाप्त