एक छोटे से गाँव में एक प्यारा सा लड़का रहता था, जिसका नाम था राहुल। राहुल की सबसे अच्छी दोस्त उसकी दादी थी। उसकी दादी का नाम था दादी माँ, और वह हमेशा राहुल को प्यार और स्नेह से घेरे रहती थीं। दादी का एक खास तरीका था बच्चों को खुश रखने का – उनकी प्यारी मुस्कान।

दादी की मुस्कान राहुल के लिए किसी जादू से कम नहीं थी। जब भी वह उदास होता, बस दादी की मुस्कान देख लेता, और उसकी सारी परेशानियाँ तुरंत दूर हो जातीं। दादी हमेशा राहुल को कहती, "बच्चे, मुस्कान सबसे अच्छा तोहफा है। इसे हमेशा अपने चेहरे पर रखना चाहिए।"

एक दिन राहुल अपने दोस्तों के साथ खेलते-खेलते थककर घर वापस आया। उसका मन बहुत उदास था क्योंकि वह अपनी पढ़ाई में थोड़ी पीछे चल रहा था। वह सोचने लगा, "क्या मैं कभी अपनी पढ़ाई में अच्छा कर पाऊँगा?" उसे यह सब सोचकर बहुत चिंता हो रही थी। राहुल की माँ ने उसे देखा और कहा, "तुम्हारे दादी माँ के पास जाओ, वह तुम्हारी परेशानी दूर कर देंगी।"

राहुल दादी के पास गया। दादी माँ आराम से बगीचे में बैठी थीं और किताब पढ़ रही थीं। राहुल उनके पास बैठते हुए बोला, "दादी माँ, मुझे लगता है कि मैं कभी भी अपनी पढ़ाई में अच्छा नहीं कर पाऊँगा।"

दादी ने अपनी किताब को बंद किया और राहुल की तरफ मुस्कराते हुए देखा। उनकी मुस्कान ने राहुल के दिल को सुकून दिया। "राहुल," दादी ने कहा, "तुम अपनी मेहनत पर विश्वास रखो। जो चीज़ हमें पसंद होती है, उसमें सफलता पाने के लिए हमें थोड़ा समय और मेहनत देना पड़ता है। और हाँ, हमेशा मुस्कुराते रहो, क्योंकि मुस्कान से आत्मविश्वास बढ़ता है।"

दादी की बातों ने राहुल का दिल छू लिया। उसने सोचा, "अगर मेरी दादी मुस्कुरा सकती हैं, तो मैं भी अपनी परेशानियों से लड़ सकता हूँ।" राहुल ने दादी की मुस्कान देखकर एक नई ऊर्जा पाई और उसने ठान लिया कि वह अपनी पढ़ाई में अच्छे अंक लाने के लिए पूरी मेहनत करेगा।

राहुल ने अपनी पढ़ाई में पहले से ज्यादा ध्यान लगाना शुरू किया। वह रातों को जागकर पढ़ाई करता और हर दिन कुछ नया सीखता। धीरे-धीरे उसकी मेहनत रंग लाने लगी, और वह अपने सभी विषयों में अच्छे अंक लाने लगा। राहुल की खुशियाँ अब दादी की मुस्कान की तरह दिन-ब-दिन बढ़ने लगीं।

एक दिन, राहुल ने दादी को अपने अच्छे अंक दिखाए। दादी ने उसे अपनी प्यारी मुस्कान के साथ गले लगा लिया और कहा, "देखा! तुम्हारी मेहनत और मुस्कान से तुम किसी भी मुश्किल को पार कर सकते हो।"

राहुल ने दादी की मुस्कान को अपनी सबसे बड़ी ताकत मान लिया। वह अब जानता था कि चाहे कितनी भी मुश्किलें हों, अगर उसके पास दादी की मुस्कान और मेहनत हो, तो वह किसी भी परेशानी का सामना कर सकता है।

सीख: "मुस्कान और मेहनत से हम किसी भी परेशानी को पार कर सकते हैं। दादी की मुस्कान हमेशा हमें सकारात्मकता और आत्मविश्वास देती है।"

समाप्त