एक समय की बात है, आकाश में बहुत से सितारे चमकते थे। इन सितारों में से कुछ बड़े थे, तो कुछ छोटे। आकाश में जो सबसे छोटे सितारे थे, उनमें एक सितारा था जिसका नाम था चमक। चमक बहुत ही प्यारा और उत्साही सितारा था। वह आकाश में सबसे सुंदर बनने का सपना देखता था। हालांकि, वह हमेशा सोचता था कि वह क्यों इतना छोटा और फीका है। उसका सपना था कि वह आकाश का सबसे चमकदार सितारा बने, ताकि हर कोई उसकी तरह चमके और उसकी मिसाल दे।

चमक हमेशा आस-पास के बड़े सितारों को देखता और उनके बारे में सोचता, "वह कितने चमकदार और बड़े हैं! क्या मैं कभी उनके जैसा चमक सकता हूँ?" वह खुद को देखता और दुखी हो जाता। उसकी चमक इतनी हल्की थी कि वह कभी महसूस करता था कि उसे आकाश में कोई जगह नहीं मिल सकती। "अगर मैं भी उतना चमकदार होता, तो मुझे आकाश में भी सम्मान मिलता," वह हमेशा यही सोचता। लेकिन यह सोचने से उसका दिल और दुखी होता गया।

एक दिन, चमक ने बड़े सितारे से पूछा, "आप इतने चमकदार कैसे हो? मुझे भी आपके जैसा चमकने का तरीका बताओ!" बड़े सितारे ने मुस्कराते हुए जवाब दिया, "हम सबका अलग-अलग रूप होता है। चमक, तुम्हारी अपनी चमक भी खास है। तुम्हें बस इसे पहचानने और इसे सही दिशा में प्रयोग करने की आवश्यकता है।" चमक को यह बात समझ में आई, लेकिन फिर भी वह अपने आकार को लेकर चिंतित था। उसे लगता था कि वह छोटा है, तो कैसे वह आकाश में बड़ा बन सकता था? वह चिंता करने लगा, "क्या मेरी छोटी सी चमक कभी किसी के काम आ सकती है?"

तभी, एक रात चमक ने एक अजीब आवाज सुनी। यह आवाज बहुत हल्की थी, जैसे कुछ टूट रहा हो। चमक घबराया हुआ भागा और देखा कि एक छोटी सी चाँदनी बूँद उसकी ओर बढ़ रही थी। चाँदनी बूँद ने चमक से कहा, "तुम चिंता क्यों करते हो? हम सबका अपना समय होता है चमकने का। तुम अभी छोटे हो, लेकिन तुम्हारी छोटी चमक से बहुत कुछ बदल सकता है।" चमक ने चाँदनी बूँद की बातों को ध्यान से सुना और उसे समझ में आया कि शायद उसकी छोटी सी चमक को सच्चे दिल से चमकाना ही उसकी असली ताकत थी।

अगली सुबह, चमक ने ठान लिया कि वह अपनी छोटी सी चमक को सबसे अच्छे तरीके से चमकाएगा। उसने अपने दिल में विचार किया, "अगर मैं अपनी चमक को सच्चे दिल से दिखाऊं, तो शायद मैं आकाश में कुछ अच्छा कर सकूं।" और फिर उसने अपनी पूरी शक्ति से चमकने की शुरुआत की। चमक का आकाश में प्रकाश धीरे-धीरे बढ़ने लगा। उसके आसपास के छोटे सितारे भी उसकी चमक से प्रेरित होने लगे। वह अपनी छोटी सी चमक से उन सभी को उजागर करने में सफल हो रहा था।

जैसे-जैसे दिन बीतते गए, चमक का आत्मविश्वास बढ़ता गया। उसने कभी नहीं सोचा था कि उसकी छोटी सी चमक से आकाश में एक बड़ा बदलाव आ सकता है। अब वह जानता था कि उसके दिल में एक अनोखी चमक थी, जो दूसरों को भी अपनी ओर आकर्षित कर रही थी। धीरे-धीरे आकाश में सभी छोटे और बड़े सितारे एक साथ चमकने लगे थे। हर सितारे की चमक एक दूसरे से मिलकर आकाश को और भी सुंदर बना रही थी।

एक रात, जब पूरा आकाश चमक रहा था, चमक ने बड़े सितारे से फिर से पूछा, "क्या अब मैं आकाश का सबसे चमकदार सितारा बन गया?" बड़े सितारे ने मुस्कराते हुए जवाब दिया, "तुमने देखा, चमक, सबसे बड़ा चमकता सितारा वह नहीं होता जो सबसे ज्यादा चमके, बल्कि वह सितारा होता है जो अपने दिल से चमकता है और दूसरों को भी चमकने का मौका देता है। तुमने अपनी छोटी सी चमक से आकाश को और सुंदर बना दिया है। अब तुम सच्चे सितारे हो।"

चमक ने यह बात समझ ली। अब उसे यह एहसास हुआ कि उसकी असली चमक उसके आकार में नहीं, बल्कि उसके दिल में थी। उसने अपनी छोटी सी चमक से आकाश को रोशन किया और आकाश के हर कोने को सुंदर बना दिया। उसके जैसे छोटे सितारे ने यह साबित कर दिया कि आकार से ज्यादा महत्वपूर्ण है अपनी चमक को सच्चे दिल से दिखाना और दूसरों को भी प्रेरित करना।

सीख: "सच्ची चमक दिल से आती है, न कि आकार से। जो अपनी चमक से दूसरों को प्रेरित करता है, वह ही असली सितारा है।"

समाप्त