एक छोटे से गाँव में, एक प्यारी सी लड़की जिसका नाम था सिमा, रात को चंद्रमा के नीचे बैठकर उसकी मीठी बातें सुना करती थी। चंद्रमा की चाँदनी और उसकी शांति सिमा को बहुत पसंद थी।
हर रात, जब आसमान में चाँद चमकता, सिमा चाँद के पास जाती और चाँद से कहती, "चंद्रमा भैया, आप इतने सुंदर और शांत होते हो। क्या आप मुझे अपनी मीठी बातें सुनाओगे?"
चंद्रमा, जो हमेशा आसमान में अपनी चाँदनी बिखेरता था, मुस्कुराते हुए बोलता, "तुमसे मिलने के लिए मैं हमेशा तैयार हूँ, सिमा। मेरे पास बहुत सी मीठी बातें हैं, जो तुम्हारे दिल को खुश कर देंगी।"
फिर चंद्रमा ने अपनी मीठी बातों की शुरुआत की, "देखो सिमा, मैं हर रात इस आकाश में चमकता हूँ, लेकिन मैं अकेला नहीं होता। मेरे पास आसमान के सारे तारे होते हैं, जो मुझे अपनी रोशनी से सहारा देते हैं। हम सभी मिलकर आकाश को और सुंदर बनाते हैं।"
सिमा ने चंद्रमा की बातों को ध्यान से सुना और उसने कहा, "चंद्रमा भैया, आप कितने अच्छे हो! आप हमें हमेशा अपनी रोशनी से मार्गदर्शन करते हो।"
चंद्रमा हंसते हुए बोला, "सिमा, यह सब तुम्हारी शुभकामनाओं का असर है। मैं हमेशा तुम्हारे आस-पास हूँ, जब तुम मुझे याद करती हो। यही मेरी मीठी बातें हैं - प्यार और सकारात्मकता फैलाना।"
एक दिन गाँव में एक बड़ा उत्सव था। सभी लोग नाच-गाने में व्यस्त थे, लेकिन सिमा थोड़ी उदास थी। वह अकेली खड़ी थी और सोच रही थी, "क्या सब कुछ ठीक है?" तभी उसे याद आया कि चंद्रमा की मीठी बातें उसे हमेशा खुश करती थीं।
सिमा चाँद के पास गई और बोली, "चंद्रमा भैया, आज मुझे बहुत उदासी महसूस हो रही है। क्या आप मुझे कुछ मीठी बातें सुनाकर मेरा मन बहलाओगे?"
चंद्रमा ने सिमा से कहा, "सिमा, उदासी केवल अस्थायी होती है। जब तुम इसे महसूस करो, तो अपने दिल में सकारात्मकता और उम्मीद को जगह दो। मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूँ, तुम बस मुझे अपने दिल से महसूस करो।"
सिमा ने चंद्रमा की बातों को समझा और मुस्कुराई। उसने सोचा, "चंद्रमा की बातें सच में जादू की तरह काम करती हैं।" और उसी क्षण सिमा का मन हल्का हो गया। उसे पता चल गया कि उसकी उदासी बस कुछ समय के लिए थी और अब वह फिर से खुश हो सकती थी।
अब सिमा ने चंद्रमा से एक और सवाल पूछा, "चंद्रमा भैया, क्या मैं भी आपकी तरह लोगों को खुश कर सकती हूँ?"
चंद्रमा हंसते हुए बोला, "बिल्कुल सिमा! तुम भी अपनी अच्छाई और सकारात्मकता से लोगों के दिलों में खुशी भर सकती हो। हर किसी के अंदर एक चंद्रमा होता है, जो उसे रोशन करता है। तुम्हारा दिल हमेशा चमकता रहे, यही मेरी दुआ है।"
सिमा ने चंद्रमा की बातों को सीखा और उसने ठान लिया कि वह भी हर किसी के साथ अपनी खुशी बांटेगी। अब सिमा हर रोज़ गाँव के बच्चों से मिलकर उन्हें अपने सकारात्मक विचार और मीठी बातें सुनाती थी।
गाँव के लोग सिमा की बातें सुनकर खुश हो जाते और उनकी ज़िन्दगी में एक नई रोशनी का अहसास होता। अब सिमा को भी यही एहसास था कि चंद्रमा की मीठी बातें केवल शब्दों तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि यह दिलों को जोड़ने और खुश रखने का एक तरीका बन चुकी थीं।
सीख: "हमारे शब्दों और विचारों में शक्ति होती है। यदि हम सकारात्मकता और प्यार फैलाते हैं, तो हम दुनिया को एक खूबसूरत जगह बना सकते हैं।"
समाप्त