एक छोटे से गाँव में एक सुंदर बगिया थी। इस बगिया में हर रंग के फूल खिले हुए थे - गुलाबी, नीले, पीले, लाल और सफेद। इस बगिया को "चमकते फूलों की बगिया" कहा जाता था, क्योंकि सूरज की किरणें इन फूलों पर गिरते ही वे चमकने लगते थे।
बगिया में रहने वाले फूल एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे। लेकिन एक दिन बगिया में एक नया फूल आया। वह एक छोटा सा कटा-फटा, पीला और मुरझाया हुआ फूल था। उसका नाम था चमेली। चमेली को देखकर बाकी फूल हंसने लगे और कहा, "तुम तो बहुत मुरझाए हुए हो, तुम्हारी चमक कहीं नजर नहीं आती।" चमेली बहुत दुखी हो गई। उसने सोचा, "क्या मैं कभी चमक सकती हूँ?"
एक दिन बगिया की सबसे बड़ी और खूबसूरत गुलाब का फूल, रानी गुलाब, चमेली के पास आई और उसे कहा, "चमेली, तुम अपनी असली खूबसूरती को पहचानो। तुम जिस तरह हो, वैसे ही सबसे खास हो। तुम्हें दूसरों की तरह बनने की जरूरत नहीं है।"
चमेली ने रानी गुलाब की बातों पर ध्यान दिया और सोचा, "क्या सचमुच मुझे अपनी असली खूबसूरती को अपनाना चाहिए?" रानी गुलाब ने चमेली से कहा, "तुम्हारे भीतर भी वही सुंदरता है जो बाकी फूलों में है। तुम बस अपनी खामियों को स्वीकार करो, तभी तुम्हारी असली चमक दिखेगी।"
कुछ समय बाद चमेली ने अपनी असली खूबसूरती को अपनाया। उसने महसूस किया कि वह सिर्फ बाहरी सुंदरता पर ही निर्भर नहीं थी। उसकी खुशबू, उसकी कोमल पंखुड़ियाँ, और उसकी मासूमियत भी उसे खूबसूरत बनाती थीं। उसने अपनी मुस्कान के साथ सूरज की किरणों को महसूस किया, और धीरे-धीरे उसकी पीली पंखुड़ियाँ चमकने लगीं।
अब चमेली को देखकर बाकी फूल भी उसे सराहने लगे। सभी फूलों ने मिलकर कहा, "तुम सच में खूबसूरत हो, चमेली! तुम्हारी मुस्कान ने बगिया को और भी खूबसूरत बना दिया है।" चमेली ने मुस्कुराते हुए कहा, "धन्यवाद! अब मैं समझती हूँ कि असली खूबसूरती अपनी पहचान में छुपी होती है।"
अब चमकते फूलों की बगिया पहले से भी ज्यादा सुंदर हो गई थी। सभी फूल एक-दूसरे की सुंदरता को सराहते थे और किसी को भी अपनी असली पहचान को छिपाने की जरूरत नहीं थी। वे सभी जानते थे कि असली खूबसूरती आत्मविश्वास में है।
रानी गुलाब ने एक दिन बगिया के सभी फूलों से कहा, "देखो, हम सब अपनी अलग-अलग सुंदरता के साथ बगिया में रहते हैं। हमें कभी भी किसी और की तरह बनने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। हमारी असली सुंदरता हमें अपने आप में ही मिलती है।"
सीख: "अपनी असली पहचान को अपनाओ, क्योंकि असली सुंदरता आत्मविश्वास में छिपी होती है।"
समाप्त