Panchatantra Stories In Hindi

पंचतंत्र कहानियाँ | Panchatantra Stories in Hindi

पंचतंत्र की कहानियाँ दो हज़ार साल से इसलिए चल रही हैं क्योंकि उनमें ताक़त कभी नहीं जीतती, अक़्ल जीतती है। जानवर वहाँ जानवर नहीं होते, वे एक-एक आदमी होते हैं जिनका एक ही स्वभाव साफ़ दिखता है। इस पन्ने की उनतालीस पंचतंत्र की कहानियाँ उसी पुराने ढंग में लिखी गई हैं। खोजते समय इन्हें Panchatantra Stories in Hindi या Panchatantra Story in Hindi या पंचतंत्र की कथाएँ भी लिखा जाता है।

कौवा जो कुछ नहीं करता। खरगोश जो चालाकी से बड़ी मुसीबत टाल देता है। गधा जिसे सब बेवक़ूफ़ समझते हैं और जो एक रात सबसे समझदार निकलता है। मधुमक्खियाँ जो हमेशा एक ही दिशा से आती हैं, और जिस पर किसी की नज़र नहीं जाती।

एक बात का ध्यान यहाँ ख़ास तौर पर रखा गया है। चतुराई और क्रूरता एक चीज़ नहीं होती। जिस कहानी में कोई जानवर किसी शिकारी की मदद करके अपने ही पड़ोसियों को फँसवा दे, वह चतुराई की कहानी नहीं होती। ऐसी कहानियाँ यहाँ नहीं हैं।

पढ़ना यहाँ से शुरू करें। बहादुर गधा, आलसी कव्वा, बंदर और कछुआ, और बंदर और शहद की खोज, जिसमें हल मधुमक्खियों के उड़ने की दिशा में छिपा है।

ये कहानियाँ बच्चों को सुनाने लायक़ हैं और बड़ों के पढ़ने लायक़ भी।

ये कहानियाँ पुरानी परंपरा से आती हैं, पर शब्द-दर-शब्द अनुवाद नहीं हैं। पुराना ढाँचा और सूखा हास्य वही रखा गया है, भाषा आज की है, ताकि बच्चा बिना अटके पढ़ सके। जहाँ मूल कहानी का अंत आज के पाठक को खटकता है, वहाँ कहानी दोबारा सोची गई है।

हर कहानी सात-आठ मिनट में पूरी हो जाती है, इसलिए ये कक्षा में पढ़ाने और घर पर रात को सुनाने, दोनों के लिए चलती हैं।