एक समय की बात है, एक छोटे से गाँव में एक गधा रहता था जिसका नाम 'भीम' था। भीम एक साधारण गधा था, लेकिन उसकी बहादुरी और समझदारी उसे बाकी सभी जानवरों से अलग बनाती थी। भीम दिनभर खेतों में काम करता और अपने मालिक की मदद करता। वह अपने काम से खुश था, लेकिन उसकी जिंदगी में एक बड़ा बदलाव आने वाला था।

एक दिन गाँव में एक भयंकर बाघ आ गया। वह बहुत ही क्रूर और ताकतवर था। बाघ ने गाँव के आस-पास के खेतों में आकर जानवरों को डराना शुरू कर दिया था। वह दिन-रात अपने शिकार की तलाश में खेतों में घूमता रहता। गाँव के सभी जानवर डर के मारे अपनी जगहों से बाहर नहीं निकलते थे। गाँव के लोग भी घबराए हुए थे, और कोई भी इस समस्या का हल नहीं खोज पा रहा था।

उस समय, भीम ने सोचा, "अगर हम सब मिलकर बाघ का सामना करें, तो उसे हराया जा सकता है।" भीम ने बाकी जानवरों को एकत्रित किया और उन्हें एक योजना बनाने के लिए प्रेरित किया। भीम जानता था कि बाघ की ताकत को अकेले नहीं हराया जा सकता, लेकिन अगर सब मिलकर काम करें, तो वे बाघ को परास्त कर सकते हैं।

"मैं तो एक साधारण गधा हूँ," भीम ने कहा, "लेकिन अगर हम सब मिलकर काम करें, तो कोई भी मुश्किल बड़ी नहीं होगी।" भीम की बातों ने अन्य जानवरों को उत्साहित किया, और वे सब उसके साथ आ गए। गाँव के सभी जानवरों ने मिलकर एक योजना बनाई और बाघ का सामना करने का फैसला किया।

पहले भीम ने बाघ को एक दूर-दराज के स्थान पर बुलाया। वह जानता था कि बाघ को अपनी ताकत पर घमंड है और वह किसी भी चुनौती को स्वीकार कर सकता है। भीम ने बाघ से कहा, "तुम बहुत ताकतवर हो, लेकिन क्या तुम सब जानवरों से अकेले मुकाबला कर सकते हो?" बाघ ने उसे हंसी में जवाब दिया, "तुम एक छोटे से गधे को क्या चुनौती देने आए हो? मैं तुम सबको एक झटके में हरा सकता हूँ।"

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भीम ने बाघ से कहा, "अगर तुम सचमुच इतना ताकतवर हो, तो क्यों नहीं हम सबको एक साथ चुनौती देते हो? तुम्हें यह पता चल जाएगा कि हम सभी एक साथ मिलकर तुम्हारा सामना कर सकते हैं।" बाघ ने भीम की बातों को मजाक समझा, लेकिन उसे चुनौती स्वीकार करनी पड़ी।

बाघ और भीम के बीच मुकाबला शुरू हुआ। भीम ने बाघ को एक जगह पर रोका और सभी जानवरों को एकत्रित होने का संकेत दिया। सभी जानवरों ने अपनी-अपनी ताकत से बाघ को घेर लिया। बाघ ने जब देखा कि उसे चारों ओर से घेर लिया गया है, तो वह डर के मारे थम गया। अब उसे अपनी ताकत का अहंकार टूटता नजर आया।

"तुम सब मिलकर मुझे क्या कर सकते हो?" बाघ ने गुस्से में कहा। लेकिन सभी जानवरों ने एकजुट होकर बाघ का सामना किया और उसे जंगल से बाहर धकेल दिया। बाघ ने अपनी हार स्वीकार की और जंगल छोड़ दिया। गाँव में फिर से शांति लौट आई और सभी जानवर अपने घरों में सुरक्षित हो गए।

भीम की बहादुरी और समझदारी ने यह साबित कर दिया कि अकेले काम करना कभी-कभी मुश्किल हो सकता है, लेकिन अगर हम सब मिलकर काम करें, तो कोई भी समस्या बड़ी नहीं होती। भीम ने अपनी चालाकी और साहस से बाघ को हराया और सभी जानवरों को यह सिखाया कि बुद्धिमानी और सहयोग से कोई भी मुश्किल हल की जा सकती है।

इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि कभी-कभी हमें अपनी ताकत को सही जगह पर इस्तेमाल करना चाहिए। बहादुरी केवल शारीरिक ताकत में नहीं, बल्कि समझदारी और साहस में भी होती है। भीम ने अपनी बहादुरी से यह साबित कर दिया कि यदि हम सब एकजुट होकर काम करें, तो हम किसी भी समस्या का हल निकाल सकते हैं।

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इस पंचतंत्र कहानी से हमें यह भी सिखने को मिलता है कि अपने डर को जीतकर और दूसरों के साथ मिलकर काम करना कितना महत्वपूर्ण होता है। भीम की तरह अगर हम सब अपनी शक्ति और समझदारी से काम लें, तो हम किसी भी मुश्किल को पार कर सकते हैं।