एक समय की बात है, एक घने जंगल में एक हाथी रहता था। वह बहुत ही बड़ा और ताकतवर था। जंगल के सारे जानवर उसकी ताकत से डरते थे, लेकिन हाथी बहुत ही दयालु और मिलनसार था। वह हमेशा दूसरे जानवरों की मदद करता था और उन्हें अपने साथ खेलने के लिए बुलाता था।
एक दिन, हाथी अपने दोस्तों के साथ जंगल में घूम रहा था। जंगल में उसकी मुलाकात एक छोटे से बंदर से हुई। बंदर बहुत चंचल था और उसे हाथी के साथ खेलने में बहुत मजा आता था। बंदर ने हाथी से कहा, "तुम बहुत बड़े हो, तुमसे खेलना मजेदार होगा।" हाथी मुस्कुराया और बंदर के साथ खेलने लगा। इसके बाद, कुछ समय बाद हाथी ने देखा कि एक खरगोश भी पास में खेल रहा था। हाथी ने उसे भी अपने साथ खेलने के लिए बुलाया।
खरगोश, बंदर और हाथी बहुत अच्छे दोस्त बन गए। वे हमेशा एक-दूसरे के साथ समय बिताते और खेलते रहते थे। एक दिन, जंगल में एक शेर आ गया। शेर ने जंगल में आतंक मचा दिया। वह छोटे-छोटे जानवरों को अपनी ताकत से डरा-धमका कर मार रहा था। शेर ने देखा कि हाथी उसके पास आ रहा था, तो उसने सोचा कि यह अच्छा मौका है, क्योंकि हाथी उसकी तुलना में बहुत बड़ा था। शेर ने हाथी से कहा, "तुम्हारे जैसे बड़े जानवर को मैं कभी भी आसानी से हरा सकता हूँ।"
हाथी ने शेर की धमकी पर कोई ध्यान नहीं दिया और कहा, "तुम जैसे जानवरों से मुझे डर नहीं लगता। अगर तुम मुझसे लड़ना चाहते हो, तो मैं तैयार हूँ।" शेर गुस्से में आकर हाथी से लड़ने के लिए झपट पड़ा। हाथी ने अपनी पूरी ताकत से शेर का सामना किया और उसे जंगल से बाहर खदेड़ दिया।
शेर की हार के बाद, जंगल के सभी जानवर खुश हो गए। बंदर और खरगोश ने हाथी की तारीफ की और कहा, "तुमने शेर को हराकर हमें बचाया। अब हम तुम्हारे और भी अच्छे दोस्त बन गए हैं।" हाथी ने मुस्कुराते हुए कहा, "मित्रों की मदद से कोई भी समस्या हल हो सकती है।"
हाथी के इस साहसिक कार्य ने जंगल के अन्य जानवरों को भी प्रेरित किया। अब हाथी और उसके मित्र और भी ज्यादा अच्छे दोस्त बन गए थे। वे हमेशा एक-दूसरे की मदद करने के लिए तैयार रहते थे। एक दिन, जंगल में भारी बारिश शुरू हो गई। नदी का पानी बढ़ने लगा और सभी जानवरों को अपने घरों की तरफ दौड़ने की जरूरत पड़ी। हाथी और उसके दोस्तों ने देखा कि एक भालू नदी में फंसा हुआ था, और वह किसी भी हालत में नदी पार नहीं कर पा रहा था।
हाथी ने अपने दोस्तों से कहा, "हम सब मिलकर इस भालू की मदद करते हैं।" हाथी ने अपनी लंबी सूंड़ से भालू को पकड़कर उसकी मदद की और उसे नदी पार करवा दिया। भालू ने हाथी का धन्यवाद किया और कहा, "तुमने मेरी जान बचाई, अब मैं तुम्हारा सच्चा मित्र बन गया हूँ।" हाथी ने मुस्कुराते हुए कहा, "मित्रों को मदद करना हमारा कर्तव्य है।"
इस घटना के बाद, जंगल के सभी जानवरों ने हाथी की दोस्ती और साहस की सराहना की। सभी जानवर अब समझ चुके थे कि दोस्ती सिर्फ शब्दों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि एक-दूसरे की मदद करना ही असली दोस्ती है। हाथी ने अपनी ताकत और मित्रों के साथ मिलकर न केवल शेर को हराया, बल्कि एकता और भाईचारे का असली मतलब भी सबको समझाया।
एक दिन, जंगल में एक नई समस्या उत्पन्न हुई। जंगल में एक बड़ी आग लग गई थी, और आग धीरे-धीरे जंगल के भीतर फैलने लगी। सभी जानवर घबराए हुए थे, क्योंकि आग इतनी तेज़ थी कि उन्हें अपनी जान की सलामती के लिए जंगल छोड़ने का ख्याल आ रहा था। लेकिन हाथी ने एक बार फिर से अपनी समझदारी और साहस का परिचय दिया।
हाथी ने सभी जानवरों को एकजुट किया और कहा, "हमें डरने की आवश्यकता नहीं है। अगर हम सब मिलकर काम करेंगे, तो हम इस आग से बच सकते हैं।" हाथी ने एक योजना बनाई, और बंदर, खरगोश, और अन्य जानवरों ने उसकी मदद की। वे सब मिलकर आग बुझाने के लिए पानी इकट्ठा करने लगे।
हाथी की मदद से, जंगल के सभी जानवरों ने आग को बुझाने में सफलता प्राप्त की और पूरे जंगल में शांति लौट आई। इस घटना ने सबको यह सिखाया कि जब हम सब मिलकर काम करते हैं, तो हम किसी भी मुसीबत से बाहर निकल सकते हैं।
इस कहानी से यह शिक्षा मिलती है कि सच्चे दोस्त कभी भी एक-दूसरे को अकेला नहीं छोड़ते। हमें एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए, चाहे स्थिति जैसी भी हो। हाथी और उसके मित्रों की दोस्ती और साहस हमेशा हमें प्रेरित करती रहेगी।