एक समय की बात है, एक घने जंगल में एक बड़ा हाथी और उसका छोटा बच्चा रहते थे। यह हाथी और उसका बच्चा एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे। हाथी अपने बच्चे को जंगल में घूमने और उसकी देखभाल करने के लिए अक्सर लेकर जाता था। यह जोड़ी जंगल में सबसे मजबूत मानी जाती थी, लेकिन एक दिन कुछ ऐसा हुआ जो उनकी ताकत को चुनौती देने वाला था।

एक दिन जंगल में एक भयंकर बाढ़ आ गई। पानी ने जंगल को घेर लिया और सभी जानवरों को अपनी जान बचाने के लिए दौड़ने पर मजबूर कर दिया। हाथी और उसका बच्चा भी इस आपदा से बचने के लिए भागे, लेकिन बाढ़ इतनी तेज़ थी कि उनका रास्ता भी बंद हो गया। हाथी ने सोचा, "अब हम क्या करेंगे? हम इतने बड़े हैं, फिर भी इस बाढ़ से बचने के लिए कहीं जा नहीं सकते।"

हाथी का बच्चा घबराया हुआ था और उसने अपने पिता से पूछा, "पापा, अब हम कहाँ जाएंगे? क्या हम इस बाढ़ में फंस जाएंगे?" हाथी ने अपने बेटे को शांत करते हुए कहा, "बिलकुल नहीं, बेटा! हमें धैर्य से काम लेना होगा। हम मिलकर इस समस्या का हल निकालेंगे।"

फिर हाथी ने अपने बच्चे को समझाया, "हमें जंगल के ऊँचे हिस्से की तरफ जाना होगा। वहाँ पानी कम होगा, और हम सुरक्षित रह सकेंगे।" हाथी ने अपने बच्चे को लेकर उस दिशा में बढ़ना शुरू किया, जहाँ बाढ़ का पानी कम था। हाथी का बच्चा अपने पिता की बातों से बहुत प्रेरित हुआ और वह विश्वास के साथ चलने लगा।

रास्ते में उन्होंने देखा कि कई जानवर पानी में फंसे हुए थे, जिनमें से कुछ को हाथी ने अपनी पीठ पर बैठाकर सुरक्षित स्थान तक पहुँचाया। जब हाथी और उसके बच्चे ने जंगल के ऊँचे हिस्से को पार किया, तो वे एक सुरक्षित स्थान पर पहुँच गए। अब उन्हें बाढ़ से कोई खतरा नहीं था।

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बंदर और उसकी शरारतें पढ़ें 'बंदर और उसकी शरारतें', एक पंचतंत्र कहानी जिसमें एक शरारती बंदर की अजीबोगरीब हरकतों के बारे में बताया गया है। यह कहानी हमें सिखाती है कि कभी-कभी शरारतें भी किसी के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं।

हाथी और उसके बच्चे ने देखा कि और भी कई जानवर वहाँ पहुँच चुके थे, और सबके चेहरे पर राहत और खुशी थी। हाथी के बेटे ने कहा, "पापा, आपने बहुत अच्छे से सबको सुरक्षित किया और हमें भी यह रास्ता दिखाया।" हाथी ने मुस्कुराते हुए कहा, "बिलकुल बेटा, जब हमें कोई कठिनाई आए, तो हमें साथ मिलकर उसे पार करना चाहिए। परिवार का समर्थन और समझदारी से ही हम किसी भी कठिन समय से बाहर आ सकते हैं।"

कुछ दिनों बाद, बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम हो गया और जंगल में फिर से सब कुछ सामान्य हो गया। सभी जानवर हाथी और उसके बच्चे की बहादुरी को सराहने लगे। उन्होंने देखा कि हाथी ने अपनी समझदारी और साहस से ना केवल अपने परिवार को बल्कि अन्य जानवरों को भी बचाया था।

इस घटना से हाथी और उसके बच्चे ने यह सिद्ध कर दिया कि परिवार का महत्व बहुत बड़ा होता है। अगर परिवार के सदस्य एक-दूसरे का साथ दें, तो कोई भी संकट बड़ा नहीं होता। हाथी का बच्चा अब जानता था कि किसी भी मुश्किल का सामना करने के लिए दिल में साहस और दिमाग में समझदारी दोनों का होना बहुत जरूरी है।

यह कहानी हमें यह सिखाती है कि कठिन समय में एक-दूसरे का साथ देना और धैर्य से काम लेना चाहिए। परिवार और दोस्तों का समर्थन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। चाहे संकट कितना भी बड़ा क्यों न हो, अगर हम एकजुट होकर काम करें तो हम उसे आसानी से पार कर सकते हैं।

इस कहानी से हमें यह भी सिखने को मिलता है कि कभी भी हालात से घबराना नहीं चाहिए। हाथी और उसके बच्चे की तरह हमें अपनी सूझबूझ से समस्याओं का सामना करना चाहिए। जब भी हम एक साथ मिलकर काम करते हैं, तो हम बड़ी से बड़ी मुश्किलों को भी हल कर सकते हैं।