एक समय की बात है, एक घने जंगल में कई जानवर रहते थे। उन सभी जानवरों में से एक छोटा सा खरगोश बहुत ही साहसी था। उसका नाम था चंचल। चंचल को किसी भी कठिन काम में डर नहीं लगता था। वह हमेशा नए-नए साहसिक कार्यों के लिए तैयार रहता था। बाकी जानवर उसकी बहादुरी और साहस के बारे में सुनते थे, लेकिन चंचल कभी भी अपनी बहादुरी का घमंड नहीं करता था।
एक दिन जंगल के राजा, शेर ने घोषणा की कि जंगल के सभी जानवरों को किसी न किसी प्रकार की चुनौती का सामना करना होगा। इस घोषणा के बाद सभी जानवर घबराए हुए थे, क्योंकि वे शेर के सामने कुछ भी करने से डरते थे। चंचल खरगोश ने भी इस घोषणा को सुना, लेकिन उसके मन में डर नहीं था। उसने अपने दोस्तों से कहा, "हममें से हर एक को अपनी समझदारी और साहस दिखाना चाहिए।"
अगले दिन, जंगल में शेर ने सबको अपनी चुनौती देने के लिए बुलाया। शेर ने सबसे पहले हाथी से कहा, "तुम्हें जंगल के सबसे ऊंचे पहाड़ तक चढ़ना होगा और वहां से मुझे एक वस्तु लानी होगी।" हाथी डरते हुए पहाड़ की ओर बढ़ा, लेकिन शेर की चुनौती ने उसे सोचने पर मजबूर कर दिया। हाथी के बाद बाघ ने भी अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की, लेकिन वह भी उतना सफल नहीं हो पाया।
जब चंचल की बारी आई, तो उसने शेर से कहा, "राजा, मुझे अपनी चुनौती का सामना करने दें। मैं भी एक कार्य करूंगा, जिससे जंगल में सभी को साहस मिलेगा।" शेर ने उसे देखा और कहा, "ठीक है, चंचल, तुम जो चाहो कर सकते हो, लेकिन अगर तुम हार गए, तो तुम्हें बहुत भारी परिणाम भुगतने होंगे।" चंचल ने निश्चय किया कि वह शेर की चुनौती को स्वीकार करेगा।
चंचल ने शेर से कहा, "राजा, मैं एक ऐसा कार्य करूंगा, जो दूसरों के लिए एक उदाहरण बनेगा। मैं उस गहरे गड्ढे में जाऊं, जिसमें राक्षस बसा है। वह राक्षस जंगल के सभी जानवरों को परेशान कर रहा है, और अगर मैं उसे हरा सकता हूं, तो सभी जानवरों को राहत मिलेगी।" शेर को यह चुनौती अनोखी लगी, क्योंकि कोई भी जानवर उस गड्ढे के पास भी जाने की हिम्मत नहीं करता था।
चंचल बिना किसी डर के गड्ढे की ओर बढ़ा। रास्ते में कई जानवरों ने उसे रुकने की सलाह दी, लेकिन चंचल ने उनका दिल बढ़ाया और कहा, "साहस से काम लें, मैं अपनी पूरी कोशिश करूंगा।" गड्ढे के पास पहुंचते ही, चंचल ने देखा कि वह राक्षस जो जंगल के जानवरों को डराता था, वह एक बड़ी अजगर थी, जो गड्ढे में फंसी हुई थी।
चंचल ने साहसिक तरीके से अजगर से बात की और कहा, "तुम क्यों हमारे जंगल के जानवरों को परेशान कर रहे हो? यदि तुम हमारे साथ शांति से रहना चाहो, तो हम तुम्हें जंगल में एक सुरक्षित स्थान दे सकते हैं।" अजगर ने उसकी बात सुनी और कहा, "मैं परेशान था, क्योंकि मुझे कहीं और रहने की जगह नहीं मिली थी।" चंचल ने उसकी समस्या को समझा और उसे जंगल के एक सुरक्षित स्थान पर भेज दिया।
चंचल के साहसिक कदम ने न केवल जंगल के जानवरों को राहत दी, बल्कि उसे सबका विश्वास भी जीत लिया। जब वह शेर के पास लौटा, तो शेर ने उसकी बहादुरी की सराहना की और कहा, "चंचल, तुमने साबित कर दिया कि साहस और समझदारी से किसी भी संकट का सामना किया जा सकता है। तुमने यह दिखाया कि बिना डर के किसी भी चुनौती का सामना किया जा सकता है।"
चंचल की इस साहसिक कार्य ने सभी जानवरों को यह सिखाया कि डर से कभी नहीं भागना चाहिए, बल्कि हमें अपनी समझदारी और साहस से किसी भी मुश्किल का सामना करना चाहिए। वह अब जंगल में एक उदाहरण बन चुका था, और सभी जानवर उसे देखकर प्रेरित होते थे।
इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि छोटे-से-छोटे जानवर भी साहस और समझदारी से बड़ी समस्याओं का हल निकाल सकते हैं। यह हमें यह भी सिखाता है कि अगर हम किसी भी चुनौती से डरते नहीं हैं, तो हम उसे आसानी से पार कर सकते हैं। चंचल खरगोश की तरह हमें भी कभी नहीं डरना चाहिए और हर समस्या का सामना साहस और समझदारी से करना चाहिए।