एक समय की बात है, एक छोटे से गाँव के पास एक घना जंगल था। उस जंगल में बहुत से जानवर रहते थे, जिनमें एक साहसी कुत्ता भी था। कुत्ता अपने साहस और समझदारी के लिए बहुत प्रसिद्ध था। वह हमेशा अपने दोस्तों की मदद करता और कभी भी किसी मुश्किल से डरता नहीं था।
कुत्ते का नाम टॉमी था। टॉमी हमेशा गाँव में लोगों की रक्षा करता था और जब भी कोई संकट आता, वह सबसे पहले मदद के लिए पहुँचता। एक दिन, गाँव के पास एक बाघ आ गया। बाघ बहुत बड़ा और खतरनाक था, जो दिन-प्रतिदिन गाँव के पास के खेतों में घुसकर जानवरों को नुकसान पहुँचाता था। गाँव के लोग डर के मारे अपने घरों में बंद हो गए थे और कोई बाहर जाने की हिम्मत नहीं कर रहा था।
लेकिन टॉमी, जो हमेशा अपनी बहादुरी के लिए जाना जाता था, ने ठान लिया कि वह इस बाघ का सामना करेगा। उसने सोचा, "अगर मुझे इस बाघ से डरकर छिप जाऊं तो गाँव में सभी को खतरा होगा। मुझे अपनी बहादुरी दिखानी होगी।" टॉमी ने गाँव के अन्य जानवरों को इकट्ठा किया और कहा, "हम सभी मिलकर इस बाघ को भगाने का काम करेंगे।"
सभी जानवर टॉमी के साथ हो गए और उन्होंने एक योजना बनाई। टॉमी जानता था कि अकेला बाघ का सामना करना मुश्किल है, लेकिन अगर वे सब मिलकर काम करेंगे, तो बाघ को आसानी से हराया जा सकता है। टॉमी ने अपनी तेज़ दौड़ने की क्षमता और होशियारी का इस्तेमाल करने का निर्णय लिया। उसने जंगल में बाघ को खोजने के लिए एक टीम बनाई।
जैसे ही टॉमी और उसके दोस्तों ने बाघ को देखा, उन्होंने उसे घेर लिया। टॉमी ने बाघ से कहा, "तुमने हमारे गाँव के जानवरों को परेशान किया है, अब तुम्हें यहाँ से जाना होगा। हम तुम्हारे सामने डरने वाले नहीं हैं।" बाघ, जो पहले से ही डर और घमंड से भरा हुआ था, हंसी में बोला, "तुम जैसे छोटे जानवरों का मुझे डर नहीं है। मैं तुम्हें सबको खा जाऊँगा।"
लेकिन टॉमी ने हार मानने का नाम नहीं लिया। उसने अपनी होशियारी का पूरा इस्तेमाल किया। वह बाघ के पास गया और उसकी आँखों में देखा। टॉमी ने कहा, "तुम हमें डराने की कोशिश कर रहे हो, लेकिन हम सब एकजुट होकर तुम्हें हराने के लिए तैयार हैं। अगर तुम हमारी बात नहीं मानोगे, तो हम सब मिलकर तुम्हें हर जगह से बाहर कर देंगे।"
बाघ ने टॉमी के आत्मविश्वास को देखा और उसकी बातों को गंभीरता से लिया। वह समझ गया कि अगर उसने गाँव पर हमला किया तो उसे बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। बाघ ने सोचा, "इन छोटे जानवरों को हराने में मुझे बहुत मेहनत करनी पड़ेगी।" अंत में बाघ ने हार मानते हुए जंगल छोड़ दिया और फिर कभी गाँव की ओर मुंह नहीं किया।
गाँव के लोग टॉमी की बहादुरी को देखकर बहुत खुश हुए। उन्होंने टॉमी को धन्यवाद दिया और कहा, "तुमने अपनी बहादुरी से हमें बचाया है। तुम्हारी साहसिकता ने हमें यह सिखाया कि संकट के समय में एकजुट होकर काम करने से बड़ी से बड़ी मुसीबत को भी हराया जा सकता है।"
टॉमी को यह सुनकर बहुत खुशी हुई, लेकिन उसने कहा, "मैंने यह सब अकेले नहीं किया। अगर हम सब एक साथ होते, तो हम यह जीत नहीं सकते थे। दोस्ती और एकजुटता से ही हम हर मुश्किल का सामना कर सकते हैं।" इस प्रकार, टॉमी ने यह सिद्ध कर दिया कि सच्चा साहस सिर्फ शारीरिक ताकत में नहीं होता, बल्कि समझदारी और एकजुटता में भी होता है।
इसके बाद, टॉमी और गाँव के अन्य जानवरों ने मिलकर जंगल में शांति बनाए रखी। वे हमेशा एक-दूसरे की मदद करते और कभी भी किसी संकट के समय डरते नहीं थे। टॉमी की साहसिकता और उसकी समझदारी ने सभी को यह सिखाया कि अगर हमारी नीयत सही हो और हम अपने कार्यों में विश्वास रखें, तो किसी भी मुश्किल से उबर सकते हैं।
इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें संकट के समय में साहस और समझदारी से काम लेना चाहिए। किसी भी समस्या का समाधान मिलकर काम करने और एकजुट होकर उसका सामना करने में ही है।