एक समय की बात है, एक घने जंगल में एक दुष्ट कुत्ता रहता था। वह कुत्ता जंगल के सारे जानवरों को डराता और परेशान करता था। सभी जानवर उसकी शरारतों से तंग आ चुके थे, लेकिन कोई भी उसे सीधे तौर पर चुनौती देने की हिम्मत नहीं कर पाता था। कुत्ता अपनी बुरी आदतों के कारण बहुत खतरनाक बन चुका था।
उसी जंगल में एक छोटा सा पक्षी भी रहता था, जिसका नाम था चिरपि। चिरपि बहुत ही समझदार और चतुर पक्षी था। उसे जंगल के सभी जानवरों की तरह कुत्ते की शरारतों से परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन वह हमेशा अपनी चतुराई से किसी भी समस्या का समाधान खोज लेता था। चिरपि ने देखा कि कुत्ता लगातार दूसरे जानवरों को तंग कर रहा था और उसका आतंक जंगल में फैल चुका था।
एक दिन कुत्ता जंगल के बीचों-बीच जोर-जोर से भौंक रहा था। उसने चिरपि को देखा और उसे धमकी दी, "तुम भी तो जंगल में रहते हो। तुमसे भी मैं परेशान कर सकता हूँ। क्या तुम समझते हो कि तुम मुझसे बच सकते हो?" चिरपि ने कुत्ते की तरफ देखा और कहा, "मैं तुमसे डरने वाला नहीं हूँ, लेकिन अगर तुम मुझसे कुछ पूछना चाहते हो तो मैं तुम्हारी मदद कर सकता हूँ।"
कुत्ता थोड़ा चौंका और बोला, "तुम मेरी मदद कैसे कर सकते हो? तुम तो छोटे से पक्षी हो, और मैं एक ताकतवर कुत्ता हूँ।" चिरपि ने धीरे से कहा, "तुम्हारी ताकत से मुझे डर नहीं है, लेकिन मुझे लगता है कि तुम अपनी ताकत को सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर रहे हो। अगर तुम चाहते हो, तो मैं तुम्हारे साथ एक समझौता कर सकता हूँ।"
कुत्ता और भी हैरान हुआ। वह सोचने लगा, "यह छोटा सा पक्षी मुझे चुनौती दे रहा है, यह कैसे संभव है?" उसने गुस्से में आकर कहा, "ठीक है, तुम जो चाहो कर सकते हो। बताओ, तुम्हारे पास क्या योजना है?" चिरपि ने मुस्कुराते हुए कहा, "अगर तुम मुझे अपनी मदद देने के लिए तैयार हो, तो मैं तुम्हें बता सकता हूँ कि तुम्हारी ताकत से तुम जंगल के सभी जानवरों को कैसे अपना दोस्त बना सकते हो।"
कुत्ते ने सोचा कि अगर चिरपि ने सचमुच कोई तरीका बताया, जिससे वह जंगल के जानवरों के बीच अपनी इज्जत बढ़ा सकता है, तो यह उसकी ताकत का सही इस्तेमाल होगा। इसलिए उसने चिरपि से कहा, "ठीक है, तुम जो भी कहोगे, मैं करूंगा। बताओ, तुम्हारी योजना क्या है?"
चिरपि ने कहा, "तुम्हें अपनी ताकत को दिखाने का तरीका बदलना होगा। तुम्हें जंगल के सभी जानवरों को डराने के बजाय उन्हें अपनी मदद करनी चाहिए। जब तुम्हें कोई भी जानवर मुश्किल में दिखे, तो तुम उसे मदद करो। इससे सब जानवर तुम्हारे दोस्त बन जाएंगे और तुम अपनी ताकत से उनके दिलों में जगह बना सकोगे।"
कुत्ता चुपचाप सुन रहा था। वह सोचने लगा, "क्या यह सच में काम करेगा? अगर चिरपि की बात सही हुई तो मेरी पूरी जिंदगी बदल सकती है।" उसने चिरपि से कहा, "ठीक है, मैं इसे आज़माऊंगा, लेकिन मुझे यकीन नहीं है कि सब जानवर मेरी मदद को स्वीकार करेंगे।"
चिरपि ने हंसते हुए कहा, "तुम देखोगे, कुत्ते! अगर तुम सचमुच दिल से मदद करोगे, तो कोई भी तुम्हारा विरोध नहीं करेगा।" कुत्ता अब संजीदगी से सोचने लगा कि उसकी ताकत से वह जानवरों के साथ कैसे अच्छा व्यवहार कर सकता है। अगले दिन कुत्ता जंगल के अंदर एक मुसीबत में पड़े हुए हिरण की मदद करता हुआ पाया गया। हिरण एक बड़े गड्ढे में गिर गया था, और कुत्ता अपनी ताकत से उसे बाहर निकालने में कामयाब रहा।
धीरे-धीरे, जंगल के अन्य जानवरों ने देखा कि कुत्ता अब उन्हें तंग नहीं करता, बल्कि उनकी मदद करता है। कुत्ते ने अपनी बुरी आदतों को छोड़ दिया और सचमुच जंगल के जानवरों के बीच अपना नाम बनाया। कुत्ते का व्यवहार बदलने से सब ने उसे एक अच्छा दोस्त मान लिया।
चिरपि की योजना सफल हो गई। कुत्ते ने अपनी ताकत को सही दिशा में इस्तेमाल किया और जंगल के सभी जानवरों का मित्र बन गया। उसने यह सीख लिया कि सच्ची ताकत दूसरों को तंग करने में नहीं, बल्कि उनकी मदद करने में होती है।
इस कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि अपनी ताकत का सही इस्तेमाल हमें सबका दोस्त बना सकता है। जैसे कुत्ता अपनी बुरी आदतों को छोड़कर मदद करने वाला बन गया, वैसे ही हम सभी को चाहिए कि हम अपनी ताकत और समझदारी का उपयोग अच्छे कामों में करें। यह भी सिखाता है कि एक अच्छी योजना और सही दिशा में प्रयास करने से किसी भी बुराई को खत्म किया जा सकता है।