Tenali Rama Story In Hindi

तेनालीरामा कहानियाँ | Tenali Rama Story in Hindi

विजयनगर के दरबार में सबसे तेज़ दिमाग़ किसी मंत्री का नहीं था, एक विदूषक का था। तेनालीरामा की कहानियों का यही ढंग है। जो आदमी सबसे कम गंभीरता से लिया जाता है, वही सबसे साफ़ देखता है।

एक मज़ाक की सज़ा मौत तय हो जाए और राजा सिर्फ़ इतनी छूट दे कि मरने का तरीक़ा ख़ुद चुन लो। तीन बिलकुल एक जैसी गुड़ियाँ, और सवाल यह कि इनमें सबसे अच्छी कौन सी है। ताँबे का एक सिक्का, जिसे सोना बनाना है। इन तेनालीरामा की कहानियों में, जिन्हें Tenali Rama Story in Hindi और Tenali Rama Stories in Hindi भी लिखा जाता है और जिनके नायक का पूरा नाम तेनाली रामकृष्ण था, हल हमेशा वहीं होता है जहाँ कोई देख नहीं रहा।

कहानियों में राजा कृष्णदेव राय भी उतने ही ज़रूरी हैं जितना तेनालीरामा। वे नाराज़ होते हैं, माफ़ करते हैं, और अगली बार फिर वही ग़लती करते हैं, जिससे दरबार जीवित लगता है।

पढ़ना यहाँ से शुरू करें। अपनी मौत, तीन गुड़ियाँ, ताँबे से सोना, और जिस दिन तेनालीराम हारे, जिसमें उसे दही बेचने वाली एक लड़की हरा देती है।

तेनालीरामा सोलहवीं सदी के तेलुगु कवि थे और विजयनगर के राजा कृष्णदेव राय के दरबार में रहते थे। दोनों असली थे, पर ये क़िस्से इतिहास की तरह नहीं पढ़े जाने चाहिए। ये लोक-कथाएँ हैं, जो दक्षिण से चलकर पूरे देश में पहुँचीं और हर जगह थोड़ी बदल गईं।

छह कहानियाँ हैं और हर एक अलग तरह की उलझन पर टिकी है, ताकि पढ़ते हुए वही तरकीब दोबारा न लगे। ये बच्चों को सुनाने लायक़ हैं और उम्र की कोई ऊपरी सीमा नहीं है।