एक समय की बात है, एक घने जंगल में एक शेर रहता था। वह जंगल का राजा था और उसकी ताकत के कारण सभी जानवर उससे डरते थे। शेर का नाम सिंह था, और उसका कद बहुत विशाल था। उसकी शिकार की क्षमता भी बहुत शानदार थी। इस कारण से वह जंगल के अन्य सभी जानवरों के लिए खतरा बन चुका था।

जंगल में हर कोई सिंह से डरता था। वह रात के समय शिकार पर निकलता था और दिन में सोता था। वह किसी भी जानवर को अपना शिकार बना सकता था, और उसके साथ कोई भी जानवर अपनी जान बचाने का साहस नहीं करता था। हालांकि, एक दिन सिंह ने एक छोटा सा मुर्गा देखा। मुर्गा सुबह-सुबह बाड़े के पास खड़ा था और अपने पंख झाड़ रहा था।

सिंह ने उसे देखा और तुरंत उसे शिकार बनाने का विचार किया। सिंह धीरे-धीरे मुर्गे के पास आया और बोला, "तुम क्या कर रहे हो, छोटे से मुर्गे? तुम जानते हो कि जंगल में मेरे अलावा कोई और ताकतवर नहीं है। तुम मेरे खाने के लिए एक बेहतरीन शिकार हो।" मुर्गा डर के बजाय शांत रहा और बोला, "महाराज, आप इतने शक्तिशाली हैं, और मैं एक छोटा सा मुर्गा हूं। लेकिन मुझे विश्वास है कि आप मुझसे कुछ सीख सकते हैं।"

सिंह थोड़ा चौंका और बोला, "तुम मुझसे कुछ सीखने की बात कर रहे हो? क्या तुम मुझे अपनी छोटी सी जिंदगी में कुछ सिखा सकते हो?" मुर्गा हंसते हुए बोला, "हां, अगर आप मुझे समय दें तो मैं आपको कुछ अहम बातें सिखा सकता हूं। लेकिन आप मुझे खाने के बजाय मेरी सलाह लें तो आपके लिए ज्यादा फायदेमंद होगा।" सिंह ने सोचा, "यह क्या कह रहा है मुर्गा? यह छोटा सा जानवर मुझसे कैसे बात कर सकता है?" लेकिन वह मुर्गे की बातों को नजरअंदाज करने के बजाय सुनने का मन बनाता है।

मुर्गा बोला, "महाराज, आप अपनी ताकत पर बहुत गर्व करते हैं, लेकिन कभी आपने सोचा है कि बिना सोच-विचार के सिर्फ ताकत का इस्तेमाल करना खतरनाक हो सकता है? मैंने देखा है कि जब आप बिना सोचें किसी को मार डालते हैं, तो आपके खुद के पास जाने के रास्ते भी बंद हो जाते हैं। आप शक्तिशाली हो, लेकिन अगर आपको किसी मुश्किल में फंसा दिया जाए, तो कोई भी आपकी मदद नहीं करेगा। आप अकेले ही सब कुछ कर नहीं सकते।"

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सिंह ने थोड़ा विचार किया और कहा, "तुम ठीक कह रहे हो, मुर्गा। यह बात मुझे पहले कभी नहीं सोची थी। तुमने मुझसे सही कहा, मुझे अपनी शक्ति का सही उपयोग करना चाहिए।" मुर्गा फिर बोला, "अगर आप अपनी ताकत का सही इस्तेमाल करेंगे और दूसरों की मदद करेंगे, तो सभी जानवर आपकी इज्जत करेंगे और मदद के लिए तैयार होंगे। आप सिर्फ अपनी ताकत के बल पर ही सब कुछ नहीं कर सकते।"

सिंह ने मुर्गे की बातों को ध्यान से सुना और महसूस किया कि यह छोटा सा मुर्गा सही कह रहा था। उसने सोचा कि अब से वह अपनी ताकत का सही इस्तेमाल करेगा। फिर वह मुर्गे से बोला, "तुम्हारी बातों से मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला है। मैं अब अपनी ताकत का सही उपयोग करूंगा और अपनी शिकार की आदत को बदलूंगा। तुम सच में मेरे लिए एक गुरु की तरह हो।"

मुर्गा हंसते हुए बोला, "मुझे खुशी है कि आप मेरी बातों को समझे। अब आप अपनी शक्ति को सही दिशा में इस्तेमाल करके सबका साथ पाएंगे।" सिंह ने मुर्गे को धन्यवाद दिया और उसे जाने दिया। मुर्गा खुश होकर जंगल में वापस चला गया।

कुछ दिनों बाद, जंगल में एक बड़ो तूफान आया। तूफान ने जंगल को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया। कई पेड़ गिर गए और जानवरों को भोजन और पानी की समस्या होने लगी। सिंह ने अपनी ताकत का इस्तेमाल किया और जंगल के जानवरों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। इस बार उसने केवल अपनी शक्ति नहीं, बल्कि अपनी सोच और बुद्धिमानी का भी इस्तेमाल किया।

सिंह की यह नई सोच जंगल में सभी जानवरों के लिए एक प्रेरणा बन गई। अब वह जानवरों का नेता बन गया था, और उसकी शक्ति के साथ-साथ उसकी सोच भी जंगल में सम्मानित हो गई थी। मुर्गा भी गर्व महसूस करता था कि उसकी सलाह ने शेर के जीवन में बदलाव लाया। अब जंगल में हर कोई शेर से डरता नहीं था, बल्कि उसकी सोच और मदद की सराहना करता था।