अपनी मौत
एक मज़ाक की क़ीमत मौत की सज़ा थी, और राजा ने सिर्फ़ इतनी छूट दी कि मरने का तरीक़ा तेनालीराम ख़ुद चुन लें। पढ़ें 'अपनी मौत'।
विजयनगर के दरबार में सबसे तेज़ दिमाग़ किसी मंत्री का नहीं, एक विदूषक का था यही इन कहानियों की जान है। Story In Hindi पर पढ़ें तेनालीराम की कहानियाँ हिंदी में, जिनमें राजा कृष्णदेव राय के दरबार की हर उलझन एक छोटी सी तरकीब से सुलझ जाती है। ये Tenaliram Stories in Hindi बच्चों को हँसाती भी हैं और सोचने पर मजबूर भी करती हैं।